सहज
कैसे पढ़ें
- प्रयास, साहस और फॉलो-अप
- छोटे भाई-बहन और अपनी कला
- फोन, लेखन और छोटी यात्रा
- अति आत्मविश्वास पर सावधानी
सहज भाव अपने हाथों का भाव है। मंगल साहस और भेजे गए संदेश का साथ देते हैं। उपचय भाव होने से बार-बार के प्रयास से यह मजबूत हो सकता है। यह पहल और संवाद है, पति या पत्नी का भाव नहीं।
जन्म कुंडली में यह भाव लग्न से गिना जाता है। आज के राशिफल में “चंद्र तृतीय भाव में” उस राशि से तीसरा चंद्र है। यह जन्म का तृतीय भाव नहीं है।
प्रथम भाव द्वितीय भाव तृतीय भाव चतुर्थ भाव पंचम भाव षष्ठ भाव सप्तम भाव अष्टम भाव नवम भाव दशम भाव एकादश भाव द्वादश भाव
प्रश्न
तृतीय भाव
तृतीय भाव किसके लिए है?
साहस, भाई-बहन, लेखन, कौशल और छोटी यात्रा। यह अपने प्रयास का भाव है।
तृतीय भाव उपचय क्यों है?
उपचय भाव काम से बढ़ सकते हैं। तृतीय, षष्ठ, दशम और एकादश इसी गिनती में हैं।
तृतीय भाव का कारक कौन है?
साहस और सहोदर का प्राकृतिक कारक मंगल है। तृतीयेश इस भाव की राशि का स्वामी है।