रन्ध्र
कैसे पढ़ें
- आयु और अचानक मोड़
- अनुसंधान, जाँच और जो निजी है
- विरासत और साझा साधन
- जोखिम और जल्द निर्णय पर सावधानी
रन्ध्र भाव सीधी रेखा का टूटना है: जो बिना सार्वजनिक घोषणा के बदलता है। शनि धैर्य और लंबे हिसाब के कारक हैं। यह भाव अनुसंधान, दूसरे के धन और जीवन के निजी भागों के लिए है। यह सावधानी का दुःस्थान है। यह कुंडली पर रखा अभिशाप नहीं है।
जन्म कुंडली में यह भाव लग्न से गिना जाता है। आज के राशिफल में “चंद्र अष्टम भाव में” उस राशि से आठवाँ चंद्र है। यह जन्म का अष्टम भाव नहीं है।
प्रथम भाव द्वितीय भाव तृतीय भाव चतुर्थ भाव पंचम भाव षष्ठ भाव सप्तम भाव अष्टम भाव नवम भाव दशम भाव एकादश भाव द्वादश भाव
प्रश्न
अष्टम भाव
अष्टम भाव का अर्थ क्या है?
आयु, अचानक परिवर्तन, अनुसंधान, विरासत और जो बात निजी रखी जाती है।
क्या अष्टम भाव बुरा भाव है?
यह दुःस्थान है, इसलिए सावधानी माँगता है। यही भाव अनुसंधान और साझे धन को सँभालने का सहारा भी है।
अष्टम भाव का कारक कौन है?
आयु का प्राकृतिक कारक शनि है। अष्टमेश इस भाव की राशि का स्वामी है।