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शनि

प्राकृतिक क्रूर

Shani

वारशनिवार राशिमकर और कुंभ उच्चतुला, 20° नीचमेष, 20° शरीरअस्थि, जोड़, दाँत, दीर्घ रोग और वृद्धावस्था रत्ननीलम

शनि देर से देता है और ठीक बने काम को रखता है। यह प्राकृतिक क्रूर ग्रह है, इसलिए इसकी दशा भारी लगती है, फिर भी कुछ लग्नों में यह श्रेष्ठ भावों का स्वामी होकर योगकारक बनता है। साढ़े साती जन्म चंद्र के आसपास शनि का गोचर है। यह गोचर है, जीवनभर का दंड नहीं, और जन्म के शनि तथा चल रही दशा के साथ पढ़ा जाता है।

नीलम शनि से जुड़ा रत्न है। गलत कुंडली में सबसे अधिक यही पहना जाता है। शनि “कमजोर” है, केवल इसलिए इसे शुरू न करें। पहले देखें कि उस लग्न में शनि सहायक है या नहीं।

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प्रश्न

शनि

शनि किन राशियों का स्वामी है?

मकर और कुंभ। उच्च तुला में 20° और नीच मेष में 20°।

साढ़े साती क्या है?

जन्म चंद्र से पिछली, अपनी और अगली राशि पर शनि का गोचर। इसे जन्म कुंडली और दशा के साथ देखते हैं।

क्या सबको नीलम पहनना चाहिए?

नहीं। चर्चा केवल तब होती है जब शनि उस कुंडली का साथ दे। गलत शनि रत्न कठोर पड़ता है।